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Jul 10, 2026 janta24x7news

हिमाचल में मानसून का कहर: 124 सड़कें बंद, 442 ट्रांसफार्मर ठप, बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य में 124 सड़कें बंद हो गई हैं, 442 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और कई पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

हिमाचल में मानसून का कहर: 124 सड़कें बंद, 442 ट्रांसफार्मर ठप, बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कई घंटों से जारी भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार हो रही बारिश से सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 124 सड़कें बंद हैं, जबकि 442 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) प्रभावित होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है। इसके अलावा 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

राज्य सरकार के अनुसार पिछले एक दिन में हालात तेजी से बिगड़े हैं। 9 जुलाई की शाम तक जहां 75 सड़कें बंद थीं, वहीं शुक्रवार सुबह तक यह संख्या बढ़कर 124 हो गई। इसी तरह बिजली ट्रांसफार्मरों और पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का असर लगातार बढ़ा है।

राजधानी शिमला में भी लगातार बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग खुले हुए हैं, लेकिन 27 संपर्क सड़कें बंद हैं। इन मार्गों को दोबारा खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं।

शिमला जिले में 67 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। वहीं 53 पेयजल योजनाओं पर भी असर पड़ा है, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर सिरमौर जिले में देखने को मिला है। यहां पिछले 36 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। नाहन शहर में एक जर्जर डंगा ढह जाने से भारी मात्रा में मलबा आसपास के मकानों और गलियों में भर गया। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

सिरमौर में मार्कण्डेय नदी भी उफान पर बह रही है। वहीं चंडीगढ़-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है और जहां आवश्यकता है, वहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा बिना आवश्यकता यात्रा करने से बचें। साथ ही केवल प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि सभी जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
Author - Janta24x7news
Credit - Janta24x7news

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