Janta 24X7 News

Jul 15, 2026 janta24x7news

ममता बनर्जी को कांग्रेस का न्योता, कहा- 21 जुलाई के मंच पर आएं और कांग्रेस छोड़ने को बताएं राजनीतिक गलती

पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को 21 जुलाई के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि यदि ममता बनर्जी कांग्रेस छोड़ने के अपने फैसले को राजनीतिक भूल स्वीकार करती हैं, तो यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

ममता बनर्जी को कांग्रेस का न्योता, कहा- 21 जुलाई के मंच पर आएं और कांग्रेस छोड़ने को बताएं राजनीतिक गलती
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 21 जुलाई को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को 21 जुलाई के अपने कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने ममता बनर्जी से सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करने की भी अपील की है कि कांग्रेस छोड़कर अलग पार्टी बनाने का उनका फैसला एक राजनीतिक गलती था।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने शहीद दिवस कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई 1993 का आंदोलन युवा कांग्रेस के नेतृत्व में हुआ था और उसका इतिहास कांग्रेस से अलग नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, इस आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को बदलने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

शुभंकर सरकार ने कहा कि यदि ममता बनर्जी वास्तव में इतिहास का सम्मान करती हैं तो उन्हें कांग्रेस के मंच पर आकर उन लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए जिन्होंने 21 जुलाई 1993 के आंदोलन में अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ममता यह स्वीकार करती हैं कि कांग्रेस छोड़ने का उनका निर्णय एक राजनीतिक भूल थी, तो इसे सकारात्मक कदम माना जाएगा।

21 जुलाई 1993 को तत्कालीन युवा कांग्रेस के नेतृत्व में कोलकाता में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। उस दौरान पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हुई थी। यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है। बाद में ममता बनर्जी ने वर्ष 1997 में कांग्रेस से अलग होकर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) का गठन किया और तब से हर वर्ष 21 जुलाई को 'शहीद दिवस' के रूप में बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करती रही हैं।

कांग्रेस का कहना है कि 1993 का आंदोलन कांग्रेस के बैनर तले हुआ था और उसके ऐतिहासिक महत्व को बदला नहीं जा सकता। वहीं, तृणमूल कांग्रेस वर्षों से इस दिन को अपने राजनीतिक आंदोलन और संगठन के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती रही है।

फिलहाल ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से कांग्रेस के इस निमंत्रण और बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों के बीच दोनों दलों के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस कई मुद्दों पर आमने-सामने रही हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के कुछ मंचों पर दोनों दल साथ भी नजर आए हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह बयान राज्य की राजनीति में नए राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
Author - Janta24x7news
Credit - Janta24x7news

Latest News

Janta24x7news
Janta24x7news May 18, 2026

Advertisement

Get In Touch

Office no 11, Bhopal House Lalbagh, Hazratganj, Lucknow 226001

+91 8114000370

info@janta24x7news.in

Follow Us

© Janta 24X7 News. All Rights Reserved. Powered by RBSC Associates