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Jul 18, 2026 janta24x7news

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: अमित शाह ने संभाली कमान, 121 हारी सीटों और 61 मुश्किल सीटों पर BJP का फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों का दौरा कर चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। पार्टी की नजर खास तौर पर 121 हारी हुई और 61 चुनौतीपूर्ण सीटों पर है।

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: अमित शाह ने संभाली कमान, 121 हारी सीटों और 61 मुश्किल सीटों पर BJP का फोकस
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूरी ताकत झोंक दी है। अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी संगठन के सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह जल्द ही उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे। माना जा रहा है कि उनके दौरे की शुरुआत ब्रज क्षेत्र से हो सकती है।

2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 376 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 255 सीटों पर जीत हासिल की थी। सहयोगी दलों के साथ मिलकर पार्टी ने कुल 273 सीटें जीती थीं। हालांकि, 121 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। अब पार्टी इन सभी सीटों का विस्तृत विश्लेषण कर रही है ताकि आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

बीजेपी ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत विधानसभा सीटों को चार श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में वे सीटें हैं जहां पार्टी लगातार तीन चुनावों से जीत रही है। दूसरी श्रेणी में वे सीटें शामिल हैं जहां कम अंतर से जीत मिली थी। तीसरी श्रेणी में ऐसी सीटें हैं जहां पार्टी लगातार दो चुनावों से मामूली अंतर से हार रही है। चौथी श्रेणी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ वाली सीटों को रखा गया है, जहां संगठन को मजबूत करने की विशेष रणनीति बनाई जा रही है।

पार्टी का विशेष ध्यान उन 61 विधानसभा सीटों पर भी है, जहां 2012, 2017 और 2022 के चुनावों में बीजेपी एक भी बार जीत दर्ज नहीं कर सकी। इन सीटों पर बूथ स्तर की समीक्षा, जातीय समीकरण, लाभार्थी संपर्क अभियान और संभावित उम्मीदवारों के सर्वे जैसे पहलुओं पर नए सिरे से काम किया जाएगा।

टिकट वितरण को लेकर भी पार्टी के भीतर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, लगातार तीन या उससे अधिक चुनाव लड़ चुके नेताओं के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। इसमें पिछली जीत-हार का अंतर, बूथ स्तर का प्रदर्शन, संगठन में सक्रियता और स्थानीय स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को आधार बनाया जा रहा है। संकेत हैं कि केवल वरिष्ठता या लंबे समय से पार्टी में होने के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि जीत की संभावना को प्राथमिकता दी जाएगी।

बीजेपी के सामने कुछ राजनीतिक चुनौतियां भी हैं। राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद, 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे और 2022 में हारी गई सीटों की भरपाई पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा हैं। पार्टी इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार कर रही है।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी भी चुनावी मोर्चे पर सक्रिय हो गई है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव रथ यात्रा के जरिए प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव सियासी रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
Author - Janta24x7news
Credit - Janta24x7news

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